मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक एवं                पुरातात्विक  पर्यटन स्थल



मध्य प्रदेश पर्यटन की सम्भावनाओ से भरापूरा राज्य है। यहां हिन्दू,  बौद्ध,  जैनऔर इस्लाम धर्मो कैसे अद्वितीय स्मारक  तो है ही इसे खजुराहो, साँची और भीमबेटका जैसे तीन विश्व धरोहर होने 
ला गौरव भी प्राप्त है।



1) खजुराहो : छतरपुर जिले मे अवस्थित खजुराहो देशी - विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद है। शताब्दियों पूर्व खजुराहो चंदेल शासको का धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र था। 


खजुराहो कै प्रमुख दार्शनिक स्थल -:


A) पश्चिम समूह कै मंदिर :  इस समूह के मंदिरो मे कंदरिया महादेव,  चौसठ  योगिनी,  चित्रगुप्त,  विश्वनाथ मंदिर एवं मतंगेश्वर मंदिर प्रमुख है। 

B) पूर्वी समूह के मंदिर -: पार्श्वनाथ मंदिर,  घटाई मंदिर तथा आदिनाथ मंदिर । 


C) दक्षिण समूह के मंदिर -: दूल्हादेव मंदिर,  चतुर्भुज मंदिर। 





(2) साँची -: रायसेन जिले मे  साँची नगर भोपाल से 45 किमी दूर स्थित है। 


साँची के पुराने स्मारक मौर्य साम्राज्य के शासको ने बनवाये थे।  साँची बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थान के रूप मे विश्व विख्यात है। 
साँची भारतीय पर्यटकों के साथ ही अपने धार्मिक महत्व के कारण श्रीलंका,  जापान,  चीन, तथा अन्य देशो से आने वाले पर्यटकों को बड़ी मात्रा मे आकर्षित करता है। 
यूनेस्को द्वारा साँची को वर्ष 1989 मे विश्व धरोहर घोषित किया गया है। 

स्तूप दो एवं तीन तथा मंदिर का  निर्माण शुंग काल मे  हुआ। 
उल्लेखनीय है की महात्मा बुद्ध के दो शिष्यों सारिपुत्र और महमोगलायन के अवशेष स्तूप नं. -3 के पास ही  मिले थे। 
साँची अपने स्तूपों और विहारों के कारण पुरे विश्व मे विख्यात है। 



(3)भीमबैटका-:  विंध्य  पर्वतमालाओं के उत्तरी छोर से घिरा भीमबेटका भोपाल से 40 किमी दूर दक्षिण मे स्थित है। भीमबेटका मे 500 से अधिक गुफाओ मे लाखो साल पहले के गुफावासियो के रोजमर्रा का जीवन दर्शाते शैलचित्र है। 



भीमबेटका शैलाश्रय तथा उनमे उपलब्ध शैलचित्रो की खोज  का आश्रय प्रशिद्ध पुरातत्विद " स्व.  डॉ. विष्णुधर वाकणकर" को जाता है।







(4) उदयगिरि की गुफाये -: उदयगिरि की गुफाये साँची से लगभग 14 किमी की दुरी पर विदिशा मार्ग पर अवस्थित है।


उदयगिरि एक छोटा सा गांव है,  इस गांव की पहाड़ी पर गुफाये बनी हुई है। 
इस पहाड़ी का विस्तार 2.4 किमी लम्बा और अधिकतम ऊचाई उत्तर -पूर्व मे 107 मी है। 
उदयगिरि की गुफाओ की कुल संख्या 20 है। 
ये गुफाये चौथी शताब्दी से दशवी शताब्दी मे निर्मित की गयी थी। 




(5) चित्रकूट -:  विंध्य पर्वतमाला  के मध्य स्थित धार्मिक एवं नैसर्गिक नगरी चित्रकूट अवस्थित है। 


लोक मान्यता है की भगवान राम ने 14 वर्ष के वनवास के दौरान चित्रकूट मे 11 वर्ष का समय व्यतीत किया था। 
चित्रकूट के बारे मे मान्यता है की ऋषि अत्रि और सती अनुसूइया ने यहां तप किया था। 
यही पर ब्रह्मा, विष्णु , महेश ने बाल अवतार लिया था। 

यहां पर प्रमुख दार्शनिक स्थलों मे जानकीकुंड, सती अनुसूइया आश्रम, स्फटिक शिला, भरतकूप, हनुमानधारा, गुप्त गोदावरी, कामदगिरि आदि। 



(6) ओरछा -: ओरछा का शाब्दिक अर्थ होता  है -"गुप्त स्थान "। 


ओरछा मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड संभाग मे बेतवा नदी के किनारे स्थित है। 
मध्यकाल मे ओरछा परिहार राजाओं की राजधानी थी। 
परिहार राजाओं के बधाई ओरछा चन्देलों के अधिकार मे रहा था। 


दर्शनीय स्थल -: orchhha ले दार्शिनय स्थलों मे जहाँगीर महल, शीशमहल, राजमहल, राजा राम मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर आदि है। 



(7) मांडू -: मांडू मूल रूप से मालवा के परमार राजाओं की राजधानी थी। 


13भी शताब्दी मे मालवा के सुल्तान ने इस पर कब्ज़ा कर  लिया था। 
मांडू से नर्मदा नदी एक लकीर के समान दिखती है। 
  
दर्शनीय स्थल -: मांडू के दर्शनीय स्थलों मे जहाजमहल, रानी रूपमती महल, आदि मशहूर है। 



(8) ओंकारेश्वर -: ओंकारेश्वर का प्राचीन नाम "मान्धता " था। 12 ज्योतिर्लिंगो मे ओंकारेश्वर की गणना की जाती है। 



दर्शनीय स्थल -: ओंकारेश्वर मे स्थित स्थलों मे नर्मदा घाट,  सिद्धनाथ मंदिर,  मार्कण्डेय आश्रम, चौबीस अवतार एवं ममलेश्वर मंदिर आदि प्रमुख है। 


(9)महेश्वर -: इसका प्राचीन नाम " महिस्मती " था। 


17वी शताब्दी मे होल्कर परिवार की रानी अहिल्या बाई नेaheshwar की स्थापना थी। 

दर्शनीय स्थल -: प्राचीन दुर्ग,  अहिल्याबाई   की प्रतिमा,भवानी माता मन्दिर, अहिलेश्वर  शिवालय, राजवाड़ा वानेश्वर  शिवालय , एवं  भरथरी की गुफाये आदि प्रमुख है। 


(10) उज्जैन -: भगवान महाकाल की इस नगरी को अतीत मे 'उज्जयिनी  ' एवं  'अवन्ति ' आदि नामो से जन्मदिन जाता था। 


महाकवी कालिदास ने मेघदूत मे उज्जैन का वर्णन किया है।
 उज्जैन का सिंहस्थ पर्व हर 12 वर्षो के अंतराल मे मनाया जाता है। 

दर्शनीय स्थल -: यहां के दर्शनीय स्थलों मे महाकल मंदिर, काल भैरव मंदिर, चौसठ योगिनी, नगरकोट की महारानी, मंगलनाथ, ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर, जमा मस्जिद  आदि प्रमुख है।